
भारत में क़ानूनी रूप से नाम बदलने की प्रक्रिया
किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके नाम से ही होती है. क्योंकि हम किसी भी इंसान की बातें करते हैं. तो पहले हम उसका नाम जानते है. हमारे देश में किसी एक व्यक्ति का नाम एक से अधिक और एक ही नाम के अधिक व्यक्ति भी हो सकते हैं. क्योंकि बचपन में हमारा जो भी नाम रखा गाया हो उसी नाम से हमें पूरी ज़िन्दगी पुकारा जाता हैं. लेकिन कई बार ऐसा होता हैं कि कभी-कभी किसी कारणवश हमें हमारे नामो में बदलाव करवाने पड़ते हैं… जैसें हम वास्तु. अंकशास्त्र में विश्वास करते हैं और यह कई समुदायों की महिलाओं के लिए शादी के बाद अपना पहला और अंतिम नाम बदलने के लिए है. या कोई अक्षर जोडने या हटवाने के लिए ऐसा करना पड़ सकता हैं. या गलती के कारण हमारे दस्तावेजों में दूसरा नाम लिख दिया जाता है. इसलिए हमें उस नाम को बदलना पड़ता है. ऐसा भी होता की जब आप पासपोर्ट जैसे कुछ महत्त्वपूर्ण प्रमाण-पत्र बनावाते हैं. तो उस समय नाम को लेकर आपको बहुत परेशानी उठानी पड़ सकती है. क्योंकि जब आप पासपोर्ट बनवाते हैं. तो सभी दस्तावेजों में आपका नाम और आपकी जन्मतिथि या और दूसरी कई जानकारियां बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए, अगर ऐसा नहीं है तो आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं. … इसलिए आपके नाम परिवर्तन करवाने का कारण जो भी हो… आपको इसे कानूनी रूप से बदलने के लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होता हैं. कई लोगों को लगता है कि नाम को बदलने में बहुत-सी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं और जगह -जगह धके खाने पड़ सकते है. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. बल्कि कानूनी रूप से नाम बदलना एक बहुत ही आसान-सी प्रक्रिया है. जो हम आपको इस लेख के जरिए बतायेंगे. जिससे आपकी सारी परेशानि दूर हो जायेंगी।

तो आइये आज हम आपको बताते है भारत में क़ानूनी रूप से नाम बदलने की प्रक्रिया के आसान तरीके के बारे में.
आपके नाम बदलने के कोई भी कारण के लिए लिए निचे दिए गई प्रक्रिया को फॉलो करना होगा. जो बहुत जरूरी हैं.
भारत में कानूनी रूप से नाम को बदलने की प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन बेहद अनिवार्य चरण हैं. जिन्हें नाम परिवर्तन को अधिकृत करने के लिए किए जाने की आवश्यकता होती है:
- शपथ पत्र प्रस्तुत करना-नाम बदलने के लिए आपको एक हलफनामा तैयार करवाना होगा.
- विज्ञापन प्रकाशन-नाम को बदलने की घोषणा को समाचार पत्र में प्रकाशित किया जाना चाहिए.
- राजपत्र अधिसूचना-नाम परिवर्तन के सम्बंध में भारत के राजपत्र में एक अधिसूचना प्रकाशित की जानी चाहिए.
एफिडेविट (हलफनामा)
कानूनी रूप से नाम बदलने की प्रक्रिया से पहले मैं आपको बता दे की एफिडेविट यानी हलफनामा क्या हैं?-किसी व्यक्ति द्वारा किसी कार्य को करने अथवा न करने की लिखित रूप में स्वेच्छा से ली गई तथ्यात्मक घोषणा को एफिडेविट (शपथ-पत्र या हलफनामा) भी कहते हैं। यह घोषणा किसी ऐसे व्यक्ति के समक्ष ली जाती है जो विधि द्वारा उसके लिए अधिकृत हो, जैसे नोटर, पब्लिक याओथ कमिश्नर। वोएफिडेविटमें शपथकर्ता शपथ लेकर बयान देता है कि वह जो कुछ भी जानकारी दे रहा है वह सच है। इसके बाद वह अपना दस्तखत करता है और फिर उस बयान को ओथ कमिश्नर या नोटरी पब्लिक अटेस्टेड करता है। लेकिन इस बात का धयान जरूर रखे -यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठा बयान देता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। एफिडेविट के बारे में यह कहा जाता है कि वह पूरी तरह सही है, परंतु कोई व्यक्ति किसी और के बदले में ऐफिडेविट पर दस्तखत करता है और उसका गलत इस्तेमाल करता है, तो ऐसा करने वाले शख्स के खिलाफ IPC की धारा-419 ( पहचान बदलकर धोखा देना ) का मुकदमा बन सकता है।

अपना नाम कानूनी रूप से बदलने के लिए आपको मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक के समक्ष अपने सम्बंधित ज़िला न्यायालय में एफिडेविट प्रस्तुत करना होगा. एफिडेविट में अपने वर्तमान नाम और नए नाम का होना ज़रूरी हैं और इसमें आपको अपने नाम बदलने का कारण भी देना ज़रूरी हैं. इस एफिडेविट को न्यूनतम मूल्य (मिनिमम प्राइस) के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर (इनका इस्तेमाल आमतौर पर किसी दस्तावेज को कानूनी मान्यता प्रदान करने के लिए किया जाता है.) पर बनाया जाना चाहिए. यदि विदेश में रहने वाले भारतीय व्यक्ति को अपना नाम कानूनी रूप से बदलना चाहता है तो ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को नाम बदलने से सम्बंधित विभाग में भारतीय दूतावास / भारतीय उच्चायोग द्वारा सत्यापित किया हुआ फॉर्म जमा करना होगा.
इसके लिये 10 रुपये के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर एक हलफनामा तैयार करवाना होता है और तैयार होने के बाद उसे अपने पास की कचहरी में जाकर नोटरी भी करवाना होता है.
इसमें मुख्य रूप से निम्न बाते शामिल होती हैं.
- आपका वर्तमान नाम और जिस नाम को आप रखना चाहते हो. दोनों को लिखना होता है.
- आपका वर्तमान और स्थायी पता
- नाम बदलने के कारण का संक्षेप में वर्णन
इसके बाद इसे नोटरी करवाना होता हैं. जिसमें आपका 100-200 रुपये तक का ख़र्च आता है. जब हलफनामा तैयार हो जाता है. तो आप इनमें अपने हस्ताक्षर करते हैं और इसमे दो गवाह के भी हस्ताक्षर चाहिए होता है. यदि आप केंद्र सरकार में नौकरी करते हैं. तो कानूनी रूप से नाम बदलने के लिए एक नाम बदलने का विलेख भी बनवाना पड़ता है.
समाचार पत्र में प्रकाशन करना (न्यूज़ पेपर में एड देना)
यदि आपका शपथ पत्र बना गाया हो. तो उसके बाद आपको समाचार पत्र में विज्ञापन / अधिसूचना प्रकाशित (न्यूज़ पेपर में छपवाना) कराना होता है कि आपने अपना नाम कानूनी रूप सेबदल दिया है और आज की तिथि के बाद आपको आपके नए नाम से ही जाना जायेगा. इसके लिए. आपको दो समाचार पत्रों का चयन करना होगा. जिसमे से एक आपके राज्य की आधिकारिक भाषा में प्रकाशित होगा और दूसरा अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित करना होगा. लेकिन ध्यान रहे ये दोनों ही समाचार पत्र दैनिक होने चाहिए न कि मासिक और वार्षिक. दोनों समाचार पत्रों में आपको अपनी पूरी जानकारी और साथ ही अपने पिता या पति के बारे में पूरी जानकारी भी देनी ज़रूरी हैं.

आगे की प्रक्रिया से पहले मैं आपको बता दे की गजटक्या हैं?- गजट अखबार का एक प्राचीन रूप है। जैसे आज के समय मे हम प्रकार के समाचार जैसे सामाजिक, राजनीतिक गतिविधि, खेलो की जानकारी अखबार से मिलती है उसी प्रकार गजट में भी हमें सारे समाचार हासिल होते हैं। गजट का उपयोग प्राचीन समय से ही किया जा रहा है। पूर्व काल से ही अर्थशास्त्री, वैज्ञानिक गजट की जानकारी को ही सही मानते आए हैं।क्योंकिगजट एक प्रकार का समाचार पत्र का समानार्थी शब्द है, जिसमें सभी प्रकार की सामाजिक घटनाओं का सार संग्रह होता है या ये भी कहा जा सकते हैं कि ये एक प्रकार का प्राचीन शब्द है, जो अब ज्यादा सुनाई नहीं देता है।क्योंकि अब इसे ज्यादा प्रचलित नहीं माना गया। अब बात करते है प्रक्रिया के बारे में…..
गजट में नोटिफिकेशन
कानूनी रूप से नाम बदलवाने के अंतिम चरण के रूप में आपका नाम आपके राज्य के आधिकारिक गजट (राजपत्र) में प्रकाशित किया जायेगा. आपको अपने सम्बंधित राज्य के सरकारी प्रेस से संपर्क करना होगा और फॉर्म भरने के साथ-साथ बताई गई फीस भरनी होगी. आपका नाम बदलने की नोटिफिकेशन राज्य के आधिकारिक गजट(राजपत्र) में दिखाई जाएगी और आपके द्वारा दिए गए पते पर बदले हुए नाम की कॉपी भी भेज दी जाएगी.
इसी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आपके कानूनी रूप से नाम बदलने की प्रक्रिया भी पूरी हो जायेगी. इसके बाद आपका नाम आधिकारिक तौर पर बदल दिया जायेगी और फिर आप अपने सभी दस्तावेजों में अपना नाम बदल सकते हैं. जैसे कि पैन कार्ड. आधार कार्ड. मार्कशीट. लाइसेंस या दूसरे किसी भी तरह के अन्य दस्तावेजों में आप अपना नाम बदल सकते हैं.
इन तीनों मुख्य प्रक्रिया को फॉलो कर आप भारत में कुछ ही समय में अपने नाम को बहुत असानी से बदल सकते हैं.
लेकिन आपको इसके लिए कुछ महत्त्वपुर्ण बातो का पता होना बहुत जरूरी है, जो हम आपको अब बताने वाले हैं.
इन बातो पर ध्यान दे-अगर आवेदन कर्ता अपनी आवेदन के रक़म में छुट चाहता है. तो उसे आवेदन के साथ सम्बंधित कलेक्टर / मजिस्ट्रेट इन के प्रमाण पत्र की झेरॉक्स कॉपी जोडनी होगी. आवेदन किये जाने से लेकर प्रकाशित होने तक आपको लगभग एक से दो महीने तक का समय लग सकता हैं. नाबालिक लड़के या लड़की का फॉर्म एक वकील या स्कूल कॉलेज के प्रिंसिपल के द्वारा आना चाहिए. साथ में इसमें माता-पिता के हस्ताक्षर भी होने चाहिए. अगर 1-2 महीने की समय के अंदर राजपत्र में विज्ञापन प्रकाशित नहीं होता है. तो सम्बंधित कार्यालय से सात दिनों के अंदर संपर्क किया जाना चाहिए. वरना देरी के वजाह से शिकायत करने पर ध्यान नहीं दिया जाऐगा. सरकार विज्ञापन में प्रकाशित किए गए राजपत्र की प्रामाणिकता के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेती है. मनी आर्डर / नकद राशि या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा भेजनी होगी. अशिक्षित महिला को हस्ताक्षर के स्थान पर अपने दाहिने हाथ का अंगूठा लगाना और एक अशिक्षित पुरुष के लिए. उसके बाये हाथ के अंगूठे को हस्ताक्षर स्थान में लगाना ज़रूरी हैं. अगर आप इनमें से इनमें से कोई भी बदलाव चाहते हैं. तो आपको प्रचलित शुल्क की जानकारी रखनी चाहिए क्योंकि ये शुल्क अक्सर परिवर्तित होते रहते हैं.
उम्मीद करते है कि हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से आपको भारत में क़ानूनी रूप से नाम बदलने की प्रक्रिया में दिक्कत नहीं आयेगी.
Written by
Vipin
Content Author at YourDoorStep
My name is Vipin Chauhan, and I have a B.Tech, LLB, MBA Dropout, and a Diploma in Cyber Cell on going. I am the founder of "Your Door Step," a company focused on making service delivery simple and convenient for everyone. With my background in technology, law, management, and cybersecurity, I combine my skills to find smart solutions, drive innovation, and create value. I am passionate about solving problems and helping people through my work.
