
GDPR क्या है? GDPR का फुल फॉर्म क्या है
जनरल डाटा प्रोटक्शन रेगुलेशन किसे कहते हैं
जनरल डाटा प्रोटक्शन रेगुलेशन (जीडीपीआर) कानूनी नीति है जो यूरोप के देशों में रहने वाले लोगों से व्यक्तिगत जानकारी संग्रह और प्रसंस्करण के लिए दिशा निर्देश निर्धारित करता है।
चाहें वेबसाइट कहीं की भी हो नियम लागू होते हैं इसलिए सभी वेबसाइटों को ध्यान देना चाहिए जो यूरोपीय आगंतुक को आकर्षित करती है। चाहे वह खास करके यूरोपीय देशों में रहने वाले लोगों के लिए सामान या सेवाओं का विपणन न करें।
जीडीपीआर or जनरल डाटा प्रोटक्शन रेगुलेशन एक ऐसा कानूनी निति है जिसके लिए व्यवसायों को यूरोपीय देशों के अंदर होने वाले लेनदेन के लिए यूरोपीय देशों के नागरिकों को व्यक्तिगत डेटा और गोपनीयता की रक्षा करने की ज़रूरत होती है।
क्या भारत में जीडीपीआर लागू है?
भारत सरकार व्यक्तिगत Data protection bill (DPB) बनाने की योजना बना रही है। जिसमें भारत के लोगों को व्यक्तिगत डाटा को संग्रह, प्रसंस्करण, भंडारण, उपयोग, हस्तांतरण, सुरक्षा और प्रकटीकरण को कंट्रोल करेगा। अपनी क्षेत्रीय प्रकृति के बाद भी डीपीबी वैश्विक प्रबंधकों के लिए महत्वपूर्ण विकास है।
एक अनुमान के अनुसार भारत में 2022 तक डिजिटल अर्थव्यवस्था $ 1 ट्रिलियन डॉलर की मूल्यांकन तक पहुंचने का अनुमान है। यह कई वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय कंपनियों को अपनी और आकर्षित करेगा जिन्हें डीपीबी के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। भारत ने वैश्विक डिजिटल कंपनियों को कुछ नियम और शर्तों के द्वारा व्यापार करने की अनुमति देने में यूरोपीय देशों के General Data protection Regulation (GDPR) के नियमों का पालन किया है, बजाय चीनी विनियमन के अलगाववादी ढांचे का पालन करने के जो फेसबुक और गूगल जैसी प्रसिद्ध कंपनियों को अपनी सीमाओं के अंदर काम करने से रोकता है।
भारतीय DPB यूरोपीय देश के नियम से अलग प्रावधान प्रदान करता है। क्योंकि भारत एक ऐसा देश है, जो अपने नागरिकों द्वारा उत्पन्न डाटा को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में रखता है तथा इसे राष्ट्रीय सीमाओं के अंदर संग्रहित और संरक्षित करता है और अपने सुरक्षा और रणनीतिक हितों की सुरक्षा के लिए उस डाटा का प्रयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
जीडीपीआर का पूरा नाम क्या है?
जीडीपीआर का पूरा नाम जनरल डाटा प्रोटक्शन रेगुलेशन है।
जीडीपीआर कब लागू हुआ था?
जीडीपीआर 14 अप्रैल 2016 को अपनाया गया था और इसे 25 मई 2018 से लागू कर दिया गया था।
जीडीपीआर में कितने अध्याय हैं
2016 जीडीपीआर में 11 अध्याय है जो कि निम्नलिखित है
- सामान्य प्रावधान
- सिद्धांतों
- डाटा विषय का अधिकार
- डाटा नियंत्रकों या प्रोसेसर का कर्तव्य
- तीसरे देशों को व्यक्तिगत डेटा का हस्तांतरण
- पर्यवेक्षी प्राधिकरण
- सदस्य राज्यों के बीच सहयोग
- उपचार
- दायित्व या उल्लंघन के लिए दंड अधिकार
- विविध अंतिम प्रावधान
जीटीपीएल किस प्रकार के गोपनीयता डाटा की सुरक्षा करता है?
- पहचान की सूचना जैसे नाम, पता, तथा आईडी नंबर
- वेब डाटा जैसे स्थान आईडी पता कुकी डाटा और आरएफआईडी टैग
- स्वास्थ्य और अनुवांशिक डाटा
- बायोमैट्रिक डाटा
- नस्लीय और जातीय डाटा
- राजनीतिक राय
- यौन अभिविन्यास
जीडीपीआर कैसी कंपनियों को प्रभावित करता है?
यूरोपीय देश के राज्यों के अंदर यूरोपीय देश के नागरिक के बारे में व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा करने वाली संशोधित करने वाली किसी भी कंपनी को जीडीपीआर के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए। यूरोपीय देश के भीतर भले ही उनकी व्यवसायिक उपस्थिति नहीं हो। अनुपालन करने के लिए जरूरी कंपनियों के लिए विशेष मानदंड निम्नलिखित है।
यूरोपीय देश में उपस्थिति
यूरोपीय देश में कोई उपस्थिति नहीं है, फिर भी ये यूरोपीय देश में रहने वाले नागरिकों को व्यक्तिगत डेटा का संसाधित करता है।
जीटीपीएल जुर्माना और गैर अनुपालन के लिए क्या दंड है?
जीडीपीआर का पालन नहीं करने के परिणाम स्वरूप कंपनी के वार्षिक वैश्विक कारोबार के 10 मिलीयन यूरो से लेकर 4% तक का जुर्माना हो सकता है। यह जुर्माना कुछ कंपनियों के लिए अरबों का हो सकता है।
कंपनी की उल्लंघन की गंभीरता पर जुर्माना निर्भर करता है और इस बात पर भी निर्भर करता है कि कंपनी की सुरक्षा के अनुपालन और नियमों को कितनी गंभीरता से लिया गया है।
10 मिलीयन यूरो का जुर्माना या दुनिया भर में व्यवसाय का 2% उन कंपनियों पर लागू हो जाएगा जो डाटा को अन्य तरीकों से या गलत तरीके से नियंत्रण करती है। इनमें मौजूद है परंतु इन्हीं तक सीमित नहीं है। डाटा उल्लंघन की रिपोर्ट करने में विफलता, डिजाइन द्वारा गोपनीयता में निर्माण करने में असफलता और यह निश्चित करने की डेटा सुरक्षा को लागू किया गया है।
हमने इस आर्टिकल के माध्यम से जीडीपीआर का पूरा नाम और जीडीपीआर क्या है इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी है। अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।
Written by
Vipin
Content Author at YourDoorStep
My name is Vipin Chauhan, and I have a B.Tech, LLB, MBA Dropout, and a Diploma in Cyber Cell on going. I am the founder of "Your Door Step," a company focused on making service delivery simple and convenient for everyone. With my background in technology, law, management, and cybersecurity, I combine my skills to find smart solutions, drive innovation, and create value. I am passionate about solving problems and helping people through my work.
