
तलाक के बाद आधार में नाम बदलना – जानें 5 आसान स्टेप, बचें इन 3 बड़ी गलतियों से
तलाक के बाद आधार में नाम बदलना – आज के समय में आधार कार्ड एक बहुत जरूरी दस्तावेज है जिसके जरिए नागरिक की पहचान होती है। तलाक के बाद महिलाओं के लिए नाम परिवर्तन कई कर्म से आवश्यक हो जाता है जिस वजह से आधार कार्ड में नाम अपडेट करना पड़ता है। आज इस लेख में हम आपको शादी के बाद आधार कार्ड में नाम चेंज करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार पूर्वक बताने जा रहे हैं जो गजट ऑफिस के जरिए होती है। अगर आप शादी के बाद नाम बदलने की प्रक्रिया जानना चाहते हैं तो इस लेख के साथ अंत तक बने रहे।
तलाक के बाद आधार में नाम बदलना – Overview
| Conditions | Required Documents | Steps to Follow |
|---|---|---|
| तलाक के बाद नाम बदलना | तलाक प्रमाण पत्र, नया नाम प्रूफ, आधार कार्ड | गजट नोटिफिकेशन के जरिए आवेदन करें |
| गजट नोटिफिकेशन बनवाना | तलाक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र | राज्य गजट कार्यालय से प्रक्रिया शुरू करें |
| आधार में नाम अपडेट करना | गजट कॉपी, पुराना आधार, नया नाम प्रूफ | आधार सेवा केंद्र जाकर बायोमेट्रिक अपडेट करें |
| अपडेट स्थिति चेक करना | आधार संख्या | UIDAI पोर्टल पर जाएँ |
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तलाक के बाद महिलाओं के लिए नाम परिवर्तन क्यों जरूरी होता है
तलाक होने के बाद महिला के लिए नाम परिवर्तन कई कर्म से आवश्यक हो जाता है जैसे –
- सामाजिक पहचान – शादी के बाद महिलाएं अक्सर अपने पति के नाम से जानी जाती हैं और समाज में महिलाओं को उनके पति के साथ जोड़कर देखा जाता है। तलाक के बाद एक सामाजिक दबाव उत्पन्न होता है जिसमें उन्हें अपना नाम पति से अलग करना होता है।
- कानूनी और प्रशासनिक दस्तावेज – अगर महिला पति के साथ नहीं रहना चाहती है तो खुद को स्वतंत्र रूप से दर्शाने के लिए सभी कानूनी और प्रशासनिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड पैन कार्ड पासपोर्ट में नाम बदलना पड़ता है।
- व्यक्तिगत संतुष्टि – हम किसी से बहुत परेशान होकर के तलाक लेते हैं ऐसे में जब हम अपना नाम उससे अलग करते हैं तो हमारे मन को एक शांति मिलती है जो यह दर्शाती है कि हम अब उसे व्यक्ति से अलग हैं।
- खुद की पहचान बनाने के लिए जरूरी – तलाक के बाद अगर आपको यह काम करते हैं और उस काम में आपको आपके पति से जोड़ कर देखा जाता है तो यह आपको अच्छा नहीं लगेगा। इस वजह से आपको नाम बदलना चाहिए ताकि आप खुद को अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए देख सके।
तलाक के बाद आधार अपडेट की आवश्यकता क्यों है
तलाक के बाद कुछ कारणों की वजह से आपको अपने आधार कार्ड में सबसे पहले नाम चेंज करना चाहिए –
- आधार कार्ड पहचान पत्र की तरह होता है तलाक के बाद आपको खुद को स्वतंत्र रूप से स्थापित करने में आधार कार्ड मदद करेगा।
- महिला अपने पैतृक नाम में वापस लौटना चाहती है तो आधार कार्ड में नाम चेंज करना होगा और पति के जगह पर पिता का नाम डालना होगा।
- कानूनी दस्तावेज में खुद को अलग दिखाकर ही आप अलग-अलग सरकारी सुविधा का लाभ ले पाएंगे।
- पुनः विवाह करने से पहले अपने व्यक्तिगत पहचान को पूरी तरह से बदला लेना सामाजिक कारण की वजह से जरूरी हो जाता है।
तलाक के बाद आधार कार्ड में नाम बदलने की कानूनी प्रक्रिया
तलाक के बाद अगर आपको अपने आधार कार्ड में नाम चेंज करना है तो एक अपडेट के मुताबिक इसके लिए आपको सबसे पहले गजट प्रकाशित करना होगा –
- सबसे पहले आपको भारतीय राजपत्र या गजट प्रकाशित करना होगा जिसके लिए एफिडेविट तैयार करना है।
- इसके बाद दो अलग-अलग अखबार में नाम परिवर्तन का विज्ञापन प्रकाशित करना है।
- इसके बाद एड्रेस प्रूफ वाले किसी भी दस्तावेज का जेरोक्स अपने पास रखना है और मूल निवास प्रमाण पत्र लेना है।
- इसके बाद सभी दस्तावेज को गजट ऑफिस में जमा करके गजट प्रकाशित होने का इंतजार करना है।
- इसके बाद गजट के आधिकारिक वेबसाइट से गजट प्राप्त करके इस आधार सुधार केंद्र पर जमा करना है।
Note – आप केंद्रीय सरकार का गजट या राज्य सरकार का गजट प्रकाशित कर सकते हैं। लेकिन राज्य सरकार के गजट का इस्तेमाल आप केवल अपने राज्य में कर पाएंगे वहीं केंद्र सरकार के गजट का इस्तेमाल आप देश में कहीं भी कर सकते हैं इसलिए केंद्रीय गजट ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।
गजट से नाम परिवर्तन के लिए आवश्यक दस्तावेज
अगर आपको गजट के जरिए नाम चेंज करना है तो कुछ जरूरी दस्तावेज की जरूरत होगी जिसे नीचे सूचीबद्ध किया गया है –
- आपका पुराना आधार कार्ड जिसमें नाम गलत है
- तलाक का प्रमाण पत्र
- पहचान पत्र
- एड्रेस प्रूफ
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मूल निवास प्रमाण पत्र
- नाम परिवर्तन का एफिडेविट
- नाम परिवर्तन का विज्ञापन
- गजट कार्यालय को आवेदन पत्र
गजट के जरिये आधार कार्ड में कौन नाम चेंज कर सकता है
अगर किसी भी व्यक्ति को अपने आधार कार्ड में नाम चेंज करने के लिए गजट की जरूरत होती है तो उसे नीचे बताई पात्रता को पूरा करना होता है –
- सबसे पहले आपको भारत का नागरिक होना होगा और आपके पास मूल निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
- आपकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए अगर काम है तो आपके माता-पिता को एक आवेदन पत्र देना होगा।
- आपके पास नाम परिवर्तन का एक कारण होना चाहिए जैसे तलाक के बाद नाम चेंज कर रहे हैं तो तलाक का सर्टिफिकेट होना चाहिए।
- आपके ऊपर किसी भी तरह का केस नहीं होना चाहिए।
नाम परिवर्तन के आवेदन की प्रक्रिया (ऑनलाइन और ऑफलाइन)
अगर आपको अपना दस्तावेज में नाम चेंज करना है तो इसके लिए दो प्रकार की प्रक्रिया होती है पहले ऑनलाइन और दूसरा ऑफलाइन –
नाम चेंज करने की ऑनलाइन प्रक्रिया
- इसके लिए आपको गजट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नाम चेंज का एक आवेदन फॉर्म भरना होगा।
- इसके बाद आपसे एफिडेविट नाम परिवर्तन का विज्ञापन और एड्रेस प्रूफ के दस्तावेज मांगे जाएंगे उनका फोटो अपलोड करना होगा।
- इसके बाद आपको निर्धारित शुल्क का भुगतान करना है और कुछ समय का इंतजार करना है।
- इसके बाद अपने गजट को आधार सुधार केंद्र में जमा करना है।
- इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं हम आपके लिए गजट जल्दी प्रकाशित करेंगे।
नाम चेंज करने की ऑफलाइन प्रक्रिया
- इसके लिए आपको सबसे पहले नाम परिवर्तन का एक आवेदन पत्र लिखना है और आने वाली गजट पत्रिका में नाम प्रकाशित करने के लिए गजट कार्यालय से अनुरोध करते हुए एक आवेदन पत्र तैयार करना है।
- अपने सभी जरूरी दस्तावेज को इस आवेदन पत्र के साथ अटैच करना है और गजट ऑफिस में जाकर जमा करना है या डाक के जरिए अपने इलाके के गजट ऑफिस में भेज देना है।
- इसके बाद ऑफिस जाकर व्यक्तिगत रूप से शुल्क का भुगतान करना है या फिर बैंक से चालान के जरिए शुल्क का भुगतान करना है।
गजट प्रकाशन कि समय अवधि और पुष्टि
अगर ऊपर बताएं किसी भी निर्देश का पालन करते हुए आपने अपना गजट प्रकाशित किया है तो यह लगभग 30 दिन के अंदर तैयार हो जाता है। आप अपने गजट की अवधि को गजट की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए आपको गजट स्टेटस गूगल पर सर्च करना है और आपको पहले वेबसाइट मिल जाएगा जहां से आप कुछ साधारण जानकारी और अपने एप्लीकेशन नंबर के जरिए अपना स्टेटस देख सकते हैं।
गजट तैयार होने के बाद अधिकारी को वेबसाइट पर आपका नाम का नोटिफिकेशन आएगा जिसे आपको प्रिंट निकलवाना है। अपने गजट को प्रिंट निकलवाने के बाद निर्धारित कार्यालय में इसे जमा करना है।
तलाक के बाद आधार कार्ड में नाम चेंज करने की पूरी प्रक्रिया
तलाक के बाद अगर आप आधार कार्ड में नाम चेंज करना चाहते हैं तो आपको नीचे बताई गई पूरी प्रक्रिया का पालन करना होगा –
सबसे पहले आपको एफिडेविट तैयार करना है
इसके लिए आपको किसी स्थानीय कोर्ट या नोटरी में जाकर एक एफिडेविट तैयार करना होगा। किसी वकील की मदद से नाम परिवर्तन का कारण बताते हुए आप अपना एफिडेविट बनवा सकते हैं। इसमें आपको वकील को कुछ पैसा देना पड़ सकता है लेकिन एक दिन के अंदर कोर्ट के तरफ से आपका एफिडेविट मिल जाएगा।
इसके बाद नाम परिवर्तन का विज्ञापन जारी करना है
इसके बाद आपको नाम परिवर्तन का विज्ञापन जारी करने के लिए आपको स्थानीय भाषा के अखबार और अंग्रेजी भाषा के अखबार के कार्यालय में जाना है और नाम परिवर्तन का विज्ञापन जारी करना है। इस विज्ञापन में आपको कुछ साधारण जानकारी जैसे आपका नया नाम पुराना नाम और नाम चेंज का कारण बताना है। आपके दिए हुए इस दस्तावेज के जरिए आसानी से आप नाम चेंज कर सकते हैं।
गजट कार्यालय को आवेदन पत्र लिखें
इसके बाद आपको गजट कार्यालय को एक आवेदन पत्र लिखना है जिसमें नाम चेंज से जुड़ी जानकारी बतानी है। इसमें आपको आने वाली गजट पत्रिका में नाम प्रकाशित करने के लिए अनुरोध करना है। इस आवेदन पत्र के साथ आपके ऊपर बताएं सभी जरूरी दस्तावेज को एक सीडी में करके लेकर जाना है। इसमें आपको सभी दस्तावेज के फोटो को खाली सीडी में इकट्ठा करना है और गजट ऑफिस में जमा करना है।
गजट डाउनलोड करें और जमा करें
कुछ दिनों के अंदर आपका गजट तैयार हो जाएगा जिसे आप आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के बाद आपको इस आधार सुधार केंद्र में जाकर जमा करना है। आपके दिए हुए गजट के आधार पर नाम चेंज कर दिया जाएगा और इसके जरिए आप आसानी से नाम चेंज कर सकते हैं।
ऑनलाइन हमारे द्वारा नाम चेंज करने की सुविधा
आपको बता दें आधार कार्ड में नाम चेंज करने की सुविधा हमारे द्वारा दी जा रही है। अगर आप गजट ऑफिस के काम के लिए इधर-उधर भटकना नहीं चाहते हैं और घर बैठे अपने आधार कार्ड में नाम चेंज करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हमारी वेबसाइट पर दिए गए किसी भी संपर्क विकल्प पर क्लिक करके हमसे संपर्क करना है। इसके बाद हम आपके लिए गजट प्रकाशित करेंगे और आपके किसी भी दस्तावेज में नाम चेंज करने में आपकी सहायता करेंगे। अगर हमारी तरफ से दी जा रही इस सुविधा का आपको लाभ चाहिए तो हमसे तुरंत संपर्क करें।
गजट पत्रिका के जरिया आधार कार्ड में नाम चेंज के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
अगर आप गजट पत्रिका के जरिए अपने आधार कार्ड में नाम चेंज कर रहे हैं तो कुछ जरूरी बातें हैं जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए –
- गजट पत्रिका एक सरकारी दस्तावेज है जो आपके पहचान पत्र के रूप में भी काम आता है। इस वजह से निर्धारित प्रक्रिया का हुबहू पालन करना जरूरी है।
- सभी दस्तावेज में आपकी स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए क्योंकि किसी में भी अधूरी या गलत जानकारी होगी तो आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
- आपको यह मालूम होना चाहिए कि इस पूरी प्रक्रिया में 1 से 2 महीने का वक्त लग सकता है इसलिए आपको धीरज से काम लेना है।
- किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर आपको हमारे जैसे किसी एजेंट की मदद लेनी चाहिए। इस वजह से नाम चेंज की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो हमसे संपर्क करके विचार विमर्श कर सकते हैं।
निष्कर्ष
आज इस लेख में हमने आपको बताया कि तलाक के बाद आधार में नाम बदलना किस प्रकार एक व्यक्तिगत कानूनी प्रक्रिया बन जाती है। आधार कार्ड में नाम चेंज करना कितना जरूरी है और किस तरह आप ऑनलाइन और ऑफलाइन आधार कार्ड में नाम चेंज कर सकते हैं। हमारे द्वारा साझा जानकारी अगर लाभदायक लगी है और आपका कार्य आसान हुआ है तो इसे अपने मित्रों के साथभी साझा करें।
Written by
Abhisheak Kumar
Content Author at YourDoorStep
मेरा नाम अभिषेक सिंह है। मैंने फिजिक्स में बी.एससी (ऑनर्स) किया है और पिछले कई सालों से "Yourdoorstep" के लिए कंटेंट लिख रहा हूँ। मैं इस प्लेटफॉर्म पर लोगों को अलग-अलग दस्तावेज़ बनवाने और उनके सवालों का सही जवाब देने में मदद करता हूँ। मेरा लक्ष्य है कि आसान हिंदी भाषा में सारी जानकारी देकर लोगों का काम आसान बनाया जाए। मैं अनुभव के साथ सटीक और उपयोगी जानकारी देने पर ध्यान देता हूँ ताकि मेरे कंटेंट से हर पाठक को मदद मिले।
